तू हजार बार भी 

रूठे तो मन लूँगा तुझे 

मगर देख मोहब्बत में 

शामिल कोई दूसरा न हो 

स्मत यह मेरा इम्तेहान ले रही है 

तड़पकर यह मुझे दर्द दे रही है 

दिल से कभी भी मैंने 

उसे दूर नहीं किया 

फिर क्यों बेवफाई का 

वह इल्जाम दे रही है 

मरे तो लाखो होंगे तुझपर 

मै तो तेरे साथ जीना चाहता हूँ